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साइबर पेट्रोलिंग और रात्रि गश्त पर शिमला पुलिस का फोकस

एसएसपी शिमला की अध्यक्षता में अपराध व कल्याण समीक्षा बैठक आयोजित
एनडीपीएस मामलों में नेटवर्क तोड़ने और गुणवत्तापूर्ण जांच के निर्देश
साइबर पेट्रोलिंग, रात्रि गश्त और सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर



शिमला में कानून-व्यवस्था को और सख्त करने के संकेत देते हुए पुलिस ने अपराध पर सीधा प्रहार करने की रणनीति तैयार कर ली है। जिला स्तरीय अपराध एवं कल्याण समीक्षा बैठक में साफ संदेश दिया गया कि अब केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि अपराध की जड़ तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाएगा। एसएसपी शिमला की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले भर के सभी महत्वपूर्ण पुलिस अधिकारी मौजूद रहे और अपराध नियंत्रण को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए।

जिला शिमला में एसएसपी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अपराध एवं कल्याण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पर्यवेक्षक अधिकारी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, पुलिस कार्यालय तथा पुलिस लाइन के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान माह मार्च में जिले में घटित एवं दर्ज अपराधों की गहन समीक्षा की गई और सभी इकाइयों को कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए समयबद्ध एवं प्रभावी जांच प्रक्रिया अपनाई जाए।

बैठक में विशेष रूप से एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए गए कि केवल मामलों की संख्या बढ़ाने के बजाय पूरे ड्रग नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस किया जाए। अधिकारियों को बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक स्थापित कर मादक पदार्थ तस्करी की जड़ों तक पहुंचने और इस अवैध कारोबार को समाप्त करने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा गया। इसके साथ ही संगीन अपराधों पर भी कड़ी निगरानी रखने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे।

एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों और उपमंडल पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें और उनके कार्यों की नियमित निगरानी करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि प्रत्येक पुलिस कर्मी, जिसमें होमगार्ड भी शामिल हैं, से अधिकारी भली-भांति परिचित रहें और उच्चाधिकारियों के निर्देशों को सही तरीके से नीचे तक पहुंचाया जाए।

बैठक में साइबर पेट्रोलिंग को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी बढ़ाएं, ताकि आपराधिक गतिविधियों, साइबर अपराधों और संभावित कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थितियों पर समय रहते नजर रखी जा सके और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

इसके अलावा सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समुदाय के सदस्यों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया। इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं तक समय पर पहुंच बनाना और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए सभी इकाइयों को प्रभावी रात्रि गश्त और नाकाबंदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, साथ ही अधिक से अधिक निवारक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। बैठक के दौरान पुलिस कर्मचारियों के वेलफेयर से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस अवसर पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।